
दुकान खुली है, ग्राहक नहीं।
पैसा आता है, पर टिकता नहीं। हर महीना पिछले जैसा।
प्राचीन शिव स्वरोदय का ज्ञान
पर क्या कभी गौर किया, अभी आपकी कौन सी नाक से साँस चल रही है?
हर साँस दो में से एक रास्ते पर चलती है
गर्मी, तेज़ी और हिम्मत। Deal, खरीद-बिक्री और मेहनत वाले काम।
ठंडक, शांति और स्थिरता। रिश्ते, नई शुरुआत और पढ़ाई।
सही स्वर में शुरू किया काम, आसानी से बनता है।
एक प्राचीन संवाद
ग्रंथों में इसे शिव स्वरोदय कहा गया। हज़ारों साल पुराना यह ज्ञान, अब आसान Hindi में, आपके phone पर।
E-book · 267 पन्ने · आसान Hindi
अपनी साँस को पहचानिए, और हर काम सही समय पर कीजिए। Business, शादी, meeting, सुबह की शुरुआत, सबके लिए सही स्वर।
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प्राचीन शिव स्वरोदय का ज्ञान
रोज़ 21,600 साँसें। हर साँस में छुपा है सही समय का राज़।
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क्या ये आपकी कहानी है?

पैसा आता है, पर टिकता नहीं। हर महीना पिछले जैसा।

सब अच्छा लगता है, फिर भी आखिर में "ना" आ जाता है।

सामने वाला मान ही नहीं रहा, चाहे कितना भी समझा लो।

दिन की शुरुआत गलत हुई, तो पूरा दिन उलझा रहता है।
हमारे ऋषि कहते थे, समय सही हो तो आधा काम अपने आप बन जाता है। और वो सही समय आपकी साँस बताती है।
शिव और पार्वती का संवाद
शिव स्वरोदय ग्रंथ भगवान शिव और माता पार्वती के संवाद के रूप में है। पार्वती पूछती हैं, और शिव जी बताते हैं कि साँस का बहाव पहचानने वाला इंसान हर काम का सही समय पहचान लेता है।
पुराने समय में राजा युद्ध से पहले, व्यापारी सौदे से पहले और परिवार शुभ काम से पहले यही देखते थे: अभी कौन सा स्वर चल रहा है?
धरनि टरैं गिरिवर टरैं, ध्रुव टरैं सुन मीत।
वचन स्वरोदय ना टरैं, कहें दास रणजीत॥
मतलब: धरती हिल जाए, पहाड़ हिल जाएँ, ध्रुव तारा भी अपनी जगह छोड़ दे, पर स्वरोदय की बात नहीं टलती।
दास रणजीत का दोहा · BOOK का पेज 9
30 सेकंड का test
अभी, इसी पल, यह जाँचिए। फिर देखिए कि book के हिसाब से इस समय कौन से काम आपके लिए सबसे अच्छे हैं।
हवा किस तरफ से ज़्यादा आई?
ऊपर से अपना जवाब चुनिए, आपका नतीजा यहाँ दिखेगा।
Book से 4 झलकियाँ
ये सिर्फ शुरुआत है। हर तरीके की पूरी विधि, दिशा, कदमों की गिनती और सही दिन, book में विस्तार से है।
01 सुबह की शुरुआत
Book कहती है
सूर्योदय से 30 मिनट पहले उठें। बिस्तर पर बैठकर देखें कौन सी नाक चल रही है, और उसी तरफ का पैर पहले ज़मीन पर रखें। साथ में "सोहम्" बोलें।
किस स्वर में किस दिशा में कितने कदम चलें, पूरी तालिका: पेज 89
02 Business और पैसा
Book कहती है
दुकान या office में घुसते समय चंद्र स्वर हो, और बायाँ पैर पहले रखें। पर खरीद-बिक्री और deal के लिए सूर्य स्वर को अनुकूल कहा गया है।
धीमे business के लिए पारंपरिक यंत्र, रुके काम की नई शुरुआत और धन-संचय की विधि: पेज 112 से 114
03 शादी और रिश्ते
Book कहती है
जीवनसाथी से पहली मुलाकात के लिए परंपरा चंद्र स्वर को सबसे अनुकूल मानती है। मिलने की जगह पहुँचते समय बायाँ स्वर चले, तो इसे सुखद रिश्ते का संकेत कहा गया है।
विवाह, पाणिग्रहण और दाम्पत्य में स्वर: पेज 100, 101 और 165
04 Meeting और बातचीत
Book कहती है
निकलने से पहले, अंदर आती साँस के साथ उस व्यक्ति को 27 बार याद करें। बाहर पहला कदम चलते स्वर वाली तरफ का रखें, और बात की शुरुआत उसी स्वर में करें।
Meeting, interview और समझौते की पूरी विधि: पेज 115 से 118



Book के अंदर
हर पन्ने पर साफ़ heading, आसान भाषा और सुंदर चित्र। मूल श्लोक भी साथ में, और उनका सीधा मतलब भी।
हर स्वर में बहते हैं पाँच तत्त्व

स्थिरता का आधार

जीवन का प्रवाह

परिवर्तन का तेज

प्राणों की गति

अनंत का विस्तार
हर बात, एक चित्र के साथ
स्वर विज्ञान · पूरी e-book (PDF)
एक बार दीजिए, हमेशा के लिए आपकी। कोई subscription नहीं।
Secure payment · UPI, Card, Netbanking
आपके सवाल
Payment होते ही आपको PDF download का link मिल जाता है। उसे phone, tablet या laptop, किसी पर भी खोलकर पढ़ें।
नहीं। Book बिल्कुल शुरुआत से समझाती है: नाक के नीचे हथेली रखकर स्वर पहचानने से लेकर पूरी दिनचर्या तक।
सरल Hindi में। मूल श्लोक और दोहे भी साथ में दिए गए हैं, और हर एक का आसान मतलब भी।
सच बताएँ तो नहीं, और जो ऐसी guarantee दे, उस पर भरोसा मत कीजिए। यह हमारी प्राचीन परंपरा का ज्ञान है, जो आपको सही समय पहचानना और शांत, सजग मन से काम करना सिखाता है। मेहनत आपकी, सही समय की समझ इस book की।
नहीं। Book में सेहत से जुड़ी पारंपरिक बातें हैं, पर किसी भी बीमारी में doctor की सलाह ज़रूरी है।
सिर्फ एक बार। कोई subscription नहीं, कोई छुपा charge नहीं।
इड़ा और पिंगला जहाँ मिलती हैं, वहीं से शुरुआत होती है
जो ज्ञान शिव जी ने पार्वती को दिया, वो आज ₹399 में आपके phone पर।